प्यार

आजा थोड़ा आराम कर ले,      जिन्दगी को थोड़ा प्यार कर ले। वक्त तो नहीं तेरे पास ,       लेकिन कुछ तो वक्त निकाल ले। माना दुश्वारियां है बहुत ,       पर तुझमें समझदारी भी है बहुत,              कुछ तो समझदारी दिखा ले। आजा थोड़ा आराम कर ले,        जिन्दगी को थोड़ा प्यार कर ले। मन को थोड़ा शांत कर,        Continue reading “प्यार”

साथ चल रहा हूं

ऐ वक्त तेरे साथ चलने को भरसक कोशिश कर रहा हूं ऐसा लगता है कभी तू आगे और कभी मैं आगे निकल रहा हूं। तू मेरे साथ है यही सोच के कभी तन्हा कभी महफ़िल कभी कारवां के साथ निकल रहा हूं। तेरे साथ कदम से कदम मिला कर चलने में अब अंधेरों को भीContinue reading “साथ चल रहा हूं”

कौन कहे

बहुत दिनों तक शहर में रहने के पश्चात एक लड़का अपने पिता से मिलने गाँव आया। अपने पिता को मेहनत करते देख उसने सोचा थोडा पिताजी का हाथ बटाया जाए । और वह पिता के साथ  काम करने लग गया लेकिन काम था कि खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था। दोपहर से शामContinue reading “कौन कहे”

इंतजार

तेरा इंतजार करते करते ही तो मेरा वक्त गुजरता है तेरे बेसब्र नयनों ने कभी देखे हैं रास्ते जिनके, उनके घावों पर मरहम भी नहीं, क्या अब इंतजार का हक भी नहीं मुझको। अब आग भी धधक के बुझने वाले है, क्या अंतिम दीदार भी नहीं मुझको। यूं तो बेरुखी की भी हद होती है,Continue reading “इंतजार”

कर्मरथ

वक्त पर मत छोड़ बंदे, अपने भविष्य को । तू कर्म कर ,ना तू शर्म कर, तू देख बस लोकहित, मन में सेवाभाव हो। वक्त पर मत छोड़ बंदे, अपने भविष्य को । तू शब्दभेदी तीर बन, तू कर्म कर तू धिर बन। तू बहते अश्क पोंछ डाल, तू सत्कर्म रूपी बीज डाल, तू आस्तिकContinue reading “कर्मरथ”

गुजर जाता है।

वक्त कैसा भी हो, कुछ पल में गुजर जाता है। जख्म कैसा भी हो , वक्त हर जख्म को भर देता है मर्ज कैसा भी हो, वक्त हर दर्द को हर लेता है। नादानी कितनी भी हो, वक्त हर चीज सीखा देती है। वक्त कैसा भी हो, कुछ पल में गुजर जाता है। दिल केContinue reading “गुजर जाता है।”

चाहत

अब आसमां की चाहत भी पूरी हो गई, अब आसमां की चाहत भी पूरी हो गई, उस देखना था जो ये हंसी जहां। उसके किस्मत में था हर दिन दीदार लिखा, लेकिन तूने तो उसे उसके किस्मत से दूर कर दिया।अब जाके इक बार फिर से उस की दुआ रंग लाई अब जाके इक बारContinue reading “चाहत”