शरारत

उसके नजरों की शरारतअब बढ़ने लगी है। बात कुछ नहीं थी ,बात बढ़ने लगी है। दिल का बोझ अब धीरे -धीरउतरने लगा है। उसके नजरों की शरारतअबबढ़ने लगी है। नींद आंखों की अब आंखोंसे जाने लगी है। रात रात भर जाग के दिलमचलने लगा है। उसके नजरों की शरारत अबबढ़ने लगी है। दिल की बैचैनीContinue reading “शरारत”