कृष्ण – सुदामा

जब जहां की सारी हदें पार कर लो, दुनिया की सारी इम्तहान पास कर लो, जब तेरे पास कोई मंजिल ना बचा हो तूने सारी मंजिलें पा ली हो, जब ये दुनिया के गम तुझे सताने लगे जब निराशा तुझे घेरने लगे हो, तब मुझे याद करना मेरे दोस्त। तब मुझे याद करना मेरे दोस्त।Continue reading “कृष्ण – सुदामा”