मनवीर के दोहे

अकल लगा के प्रेम कियाप्रेम समझ ना आए,प्रेम को जान के प्रेम कियासंसार प्रेममय हो जाय। सत्य असत्य के फेर उलझा सारा संसारमनवीर बैठा जानके देखतसुनत बताए हमने देखा तुमने देखासब नजर नजर का फेरकिसी ने देखा तन कोकोई जाने माया का फेर। ना बत्ती ना बिछौनाना धन का कछु होना,जब उड़ जाए पंछी छोड़Continue reading “मनवीर के दोहे”