चलना मत छोड़

रास्ते कितने भी कठिन हो,       चलना मत छोड़ ,चलना मत छोड़। बात – बात में ही बात बढ़ती है,       बूंद – बूंद ही तालाब भरती है। इक – इक इंट से ही घर बनता है,        छोटे – छोटे पग ही बड़ी मंजिल तक                    पहुंचाती है। इसलिए रास्ते कितने भी कठिन हो,        चलना मत छोड़ ,चलनाContinue reading “चलना मत छोड़”