इंतजार

तेरा इंतजार करते करते ही तो मेरा वक्त गुजरता है तेरे बेसब्र नयनों ने कभी देखे हैं रास्ते जिनके, उनके घावों पर मरहम भी नहीं, क्या अब इंतजार का हक भी नहीं मुझको। अब आग भी धधक के बुझने वाले है, क्या अंतिम दीदार भी नहीं मुझको। यूं तो बेरुखी की भी हद होती है,Continue reading “इंतजार”