Corona virus

Corona virus se kaise Bache कोरोना वायरस यानी COVID-19 जिससे चीन के अभी ज्यादा लोग प्रभावित है और अन्य देशों में तेजी से फैल रहा है । कोरोना वायरस से अधिकांश लोग जो संक्रमित होते है, ठिक हो जाते है । लेकिन यह दूसरों के लिए घातक हो सकता है जैसे पहले से बीमार व्यक्ति , बुजुर्ग इन के लिए ये जानलेवा हो सकता है।

इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए दूसरों की रक्षा करें ।

कैसे फैलता है _खांसने ,छिकने, सांसो के द्वारा, लापरवाही से
Corona virus के लक्षण बुखार, सूखी खांसी ,और सांस लेने में कठिनाई ,गले में खराश


COVID-19 से कैसे बचें। ( 1) अपनी आदतों को सुधारें ,आंख, नाक और मुंह को छूने से बचे । दिन भर आदमी कई वस्तुओं को छूता है और उसी गंदे हाथ से अपने आंख, नाक और मुंह को छूता है क्या पता किस वस्तु में वायरस हो ?
(2) बार बार हाथ धोएं अपने हाथ को साबुन पानी से बार बार धोएं अपने मुंह, नाक आंख को छूने से पहले हाथों को साबुन पानी से धोएं(3) distance दूरी बनाकर रखें अपने आप को किसी भी खांसने और छींकने वालों से दूरी बनाकर रखें ये किसी को भी हो सकता है। क्योंकि जब किसी को खांसी या छींक आती है तो वे अपनी नाक या मुंह से छोटी छोटी तरल बूंदे छिड़कते है जिसमें वायरस हो सकता है। इसलिए इन सब से दूरी बनाकर रखें

मास्क कब लगाएं यदि आप स्वस्थ है तो केवल मास्क लगाएं
Mask कैसे लगाएं। मास्क को ऐसे लगाएं की मुंह और नाक पूरी तरह से ढक जाए। चेहरे और मास्क के बीच गैप ना हो।अगर मास्क सिंगल यूज हो तो दुबारा use na करें।

जब आपको निम्न परेशानी होती हो जैसे सूखी खांसी ,बुखार हो गले में खराश नाक बहता हो नजदीकी डॉक्टर से मिलें ज्यादा से ज्यादा घर पर ही रहें ।

भीड़ भाड़ वाले इलाके से दूर रहें ,कम से कम सफर करें।

जो लोग कोरोना को मज़ाक में ले रहे हैं, वो ये जान लें कि सेनिटाइज़ेशन में इटली हमसे 100 साल आगे है और अमेरिका 150 साल आगे ! फ़िर भी इटली में 2158 और अमेरिका में 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है….

शुक्र है, कि अभी भारत में ये वायरस सिर्फ रिच ओर अल्ट्रा रिच क्लास में है… खुदा न खस्ता ये लोवर क्लास ओर मिडल क्लास में घुस गया तो मंज़र भयावह होगा। चारों और लाशों का ढेर ही ढेर नजर आयेगा ।

मत भूलिए कि हमारे यहां साधारण डेंगू व मलेरिया भी महामारी बन जाता है क्योंकि सिस्टम ही खराब है… और सिर्फ़ सिस्टम को ही क्यों दोष देना हम ख़ुद भी कहां अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हैं!!
जबकि बचाव के लिए सफाई के सिवाय और कुछ सहारा नहीं है, लिहाज़ा सावधानी बरतें।।
क्या आपको इससे पहले ऐसा देखने और सुनने को मिला है कि देश के देश lock down हो गये हो

एक बात हमेशा याद रखना सरकारें कभी भी ख़तरे के बारे मै खुलकर नहीं बताती ताकि अफ़रातफ़री या डर का माहोल न बने पर इंतज़ाम देखकर अंदाज़ा लगा लेना चाहिए कि ख़तरा कितना बड़ा है ! अभी यह वायरस भारत/राजस्थान में प्रथम स्टेज पर है । जब यह सामाजिक संक्रमण की स्थिति में पहुंच गया तो फिर हमारे पास रोने के सिवाय कुछ भी नहीं रह जायेगा क्योंकि इसकी कोई दवाई अभी नहीं बन पाई ।

सभी लोगों से विनती है कि सभी अपने-अपने स्तर पर सम्पूर्ण सावधानी बरतें ! देश के लिए नहीं तो स्वंय व अपने परिवार के लिए तो ख्याल रखियेगा 🙏🙏

Corona virus ke bare me or अधिक जाने

WHO

वो कौन थी

Vo kaun thi

aaj hm aap logo ko hindi khani online ki ek nyi duniya me le chlte hai jo ki aapko 1 nya anubhav dega ! aapko nye romanch safar pr le chalte hai
रात के अंधेरे में हम जा रहे थे रात के करीब 11बजे थे।
उल्लू की आवाज सन्नाटे को भंग कर रही थी। मक्खियां जो दिन भर इधर उधर करती रही है उनका कहीं नामो निशान नहीं था ।

दिन में जो रौशनी हर तरफ फैली रहती है रात में वो गद्दार की तरह सो जाती है जैसे की रौशनी का कोई वजूद ही नहीं ।


दूर दूर तक कोई इंसान नजर नहीं आ रहा था पूरा रास्ता सुनसान था । और हम चले जा रहे थे मस्ती में अंधेरे को चीरता हुआ अंधेरे में अपना हाथ तक नजर नहीं आता था । कि अचानक लगा कि मेरे सामने से कोई तेजी से निकल गया और मैं देखता रह गया ये सोच ही रहे था कि कोई तो आगे से निकला है और मैं सोचता हुआ आगे बढ़ ही रहा था कि

ऐसा लगा कि किसी ने मेरा पैर पीछे से पकड़ लिया है!

अचानक हुए इस हमले से मैं बहुत डर गया ।
मेरा पूरा शरीर पसीने से लथपथ हो गया मेरा शरीर कांपने लगा और अब लगने लगा कि मैं गिर कर बेहोश हो जाऊंगा की अचानक किसी ने कान में कहा जरा नीचे तो देखो उसकी आवाज में जादू था ।उसके आवाज के जादू ने मुझे नीचे की ओर देखने पर मजबुर कर दिया तो मेरी नजर अचानक नीचे गई और मै आश्चर्य से भर गया। मेरा पांव कोई पकड़े नहीं था बल्कि मेरे पांव में कोई प्लास्टिक लिपटा है ।जो मुझे आगे जाने से रोक रहा था अब जाके मेरे जान में जान आई । और मैं तेजी से उस रास्ते को पार करने लगा जब मैंने रास्ते को पार कर लिया तब जाके मुझे याद आया कि किसी ने मेरे कान में कुछ ? अचानक मेरा ध्यान उस बात की तरफ गया आखिर कौन थी ? उसके बातों का जादू उफ्फ मुझे सोचने पर मजबुर कर दिया और सोचते सोचते मुझे अपने आप पर ग्लानि होने लगी और मैं अपने आपको कोस रहा था कि मैं कितना डर गया था ।मैंने फिर उस जगह पर जाने का निर्णय किया।जहां उसकी आवाज मेरे कानो में गूंजी थी और मैं फिर से उसी रास्ते पर था।

वो कौन थी ?क्या मैं उसके बारे में जान पाया ?क्या मैं उससे मिल पाया ? आखिर उसने मेरी मदद क्यों की? ये सब जानने के लिए पढ़े वो कौन थी पार्ट 2

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Musli

सफेद मूसली

सफेद मूसली

मूसली प्राकृतिक रूप से जंगलों में पाई जाने वाली ओषधीय पौधा है । वर्तमान समय में इसके गुणों को देखते हुए इसकी खेती की जाती है अलग से खेती करने का एक वजह और भी है अंधाधुंध जंगलों की कटाई के कारण यह पौधा जंगलों से विलुप्त हो चुका है। मूसली में सफेद मूसली लिलिएसी परिवार का कंदयुक्त पौधा है इसका वानस्पतिक नाम क्लोराफाइटम स्पीशीज है । इसमें सेपोजेनिन नामक तत्व पाया जाता है इस कारण बाजार में मूल्य सर्वाधिक है और इसकी मांग देश और विदेशों में है।

ये विभिन्न प्रकार के होते है इसकी कुछ वन्य प्रजातियां निम्न है

1क्लोरोफाईटम ट्युबरो सम

2/क्लोरोफाईटम अरुंडिनेसियम

3 क्लोरोफाईटम एटेनुएटम

4 क्लोरोफाईटम ब्रिविस्केपाम

इसकी अधिकतम उंचाई 45 से.मी.तक होती है। इसकी जड़ें जमीन में अधिकतम 25से.मी. तक होती है।

उपयोगी होता है/ यह त्रिदोषात्मक, बल एवम् पुष्टिकारक कामशक्ति बर्धक रक्त दोष और अतिसार नाशक , मधुमेह में भी उपयोगी होता है

यह महिलाओं के लिए भी अत्यधिक उपयोगी होता है

इसका उपयोग होम्योपैथिक एवम् आयुर्वेदिक दवाओं के बनाने में होता है।

सफेद मूसली ज्यादा ठंड वाले क्षेत्रों को छोड़कर लगभग सभी क्षेत्रों में पाया जाता है।

sarkari naukri

National Informatics Centre Ministry of electronics and information technology Government of India Invites application for this following post

Total post _scientist B group A =288 SCIENTIFIC/TECHNICAL assistant -A-Group B=207 Application portal will we opened from 26/02/2020 ELIGIBILITY for GOVERNMENT JOB SCIENTIST -B GROUP A–B.E/TECH DOEACC B-level or AMIE/ GIETE OR MSc OR MCA OR ME/M.TECH OR M.FIL Electronics,electronics and communication, computer sciences, communication,computer application software system information technology information technology management informatics computer management cyber law electronics and instrumentation SCIENTIFIC/TECHNICAL ASSISTANT -A– BE/B.TECH/M.Sc/MS/MCA Electronics and telecommunications, computer sciences ,Computer and networking security, software system information technology informatics CLOSING DATE OF APPLICATION IS 26/03/2020 10:00 AM Candidates are advised to apply through the portal at https://www.calicut.nielit.in/nic/ for further information including eligibility,age limit ,reservations mode of recruitment etc

Sarkari naukri

1)राजस्थान में जूनियर इंजीनियरों की भर्ती। RSMSSB

राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड ने जूनियर इंजीनियर के लिए आवेदन आमंत्रित किए है

कुल पद= 1054

पंजीकरण प्रक्रिया 4मार्च 2020 से शुरू होगी

आवेदक की आयु सीमा 1 जनवरी 2020को 18से40वर्ष के बीच होनी चाहिए

आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग 450रुपया OBC ke लिए 350रुपया ,SC/ST के लिए 150रुपया।

आवेदन की अंतिम तिथि 2 अप्रैल2020

अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेवसाइट https://www.rajasthan.gov.in/Pages/default.aspx

2) छत्तीसगढ़ PSC इंजीनियरिंग सेवा 2020

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग CG PSC ne राज्य इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2020 के सम्बन्ध में अधिसूचना जारी की है।

आयु सीमा 1जनवरी 2020 को 21से30वर्ष के मध्य होनी चाहिए।

शुल्क आरक्षित वर्ग के लिए 300रुपया सामान्य एवम् अन्य राज्य के आवेदक के लिए 400रुपया

आवेदन की अंतिम तिथि 10मार्च2020 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है

अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएंhttp://www.psc.cg.gov.in/

कहानी

गद्दार कौन

Two monkey

एक जंगल में दो बंदर दोस्त रहते थे दोनों की दोस्ती पूरे जंगल में मशहूर था दोनों एक साथ खाते थे एकसाथ बाजार जाते थे। अचानक ऐसा क्या हुआ कि दोनों एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए ?

बात कुछ दिन पहले की है दोनों दोस्त जंगल की पहाड़ी की ओर केले की तलाश में गए रास्ते में उसे एक बेहोश सियार मिला जो कि खून से लथपथ था।दोनों ने देखकर सोचा अगर इसे ऐसे ही छोड़ देंगे तो यह मर जाएगा! क्यों नहीं हम इसको अपने घर ले चले इस पर दोनों दोस्त मान गए और सियार को उठाकर अपने घर ले गए।

वहां सियार का डॉक्टर से इलाज करवाया और खूब सेवा की ,कुछ दिनों के बाद सियार पहले की तरह हो गया। अब सियार भी दोस्तों में शामिल हो गया और तीनों खूब मस्ती करते एक साथ रहते ।कुछ दिन तक तो ठीक था लेकिन सियार को दोनों की दोस्ती खटकती रहती थी। आखिरकार सियार ने दोनों दोस्तों को अलग करने का फैसला कर लिया।अब क्या था सियार के शैतानी दिमाग में विचार आने लगे कि कैसे उसको अलग किया जाए? एक दिन सियार जंगल में इधर उधर तक टहल रहा था कि उसकी नजर एक चीज पर पड़ी और उसके दिमाग में अलग करने का आइडिया आगया।

आखिर सियार ने क्या देखा? और सियार ने क्या योजना बनाई ?

Dost Monkey

जंगल में टहलने के दौरान सियार की नजर जंगल में कुछ केले के पेड़ पर पड़ी जिसमें पके केले लगे थे। जो कि बन्दर के नजर में नहीं आया था। अब क्या था सियार ने अगले दिन सवेरे उठकर केले लेकर उसको दो अलग जगहों पर छिपा दिया और कुछ केले के छिलके इधर उधर बिखरा दिये दोनों जगह और अब ये देखने लगा कि कब दोनों दोस्त अलग अलग मिलते है, कुछ समय बीतने के बाद एक बन्दर बाजार से कुछ सामान लेने के लिए निकलता है तो वह अपने दोस्त को भी चलने के लिए कहता है पर दूसरा बन्दर दोस्त कहता है कि उसे कुछ जरूरी काम है तुम जाओ। इस पर पहला बन्दर दोस्त बाजार चला जाता है । अब क्या था सियार को मौका मिल गया और दूसरे बन्दर को अपने बन्दर दोस्त के प्रति कान भरने लगा मगर बन्दर उसको बार बार डांट देता था मगर जब उसने कहा कि उसके पास सबूत है कि आपका दोस्त आपसे छुपकर केले खाता है और छिपाकर कर रखता है इस बात पर वह क्रोधित हो जाता है और गुस्से में आकर कहता है अगर तुम सही हो तो दिखाओ तो सियार उसको लेकर जाता है वहां जंहा उसने केले छिपाकर रखे होते है, केले को देखकर बन्दर आगबबूला हो जाता है और गुस्से से अपने दोस्त का इंतजार करने लगता है। इधर मौका पाकर सियार दौड़कर बाजार पंहुच जाता है और पहले वाले बन्दर का कान भरने लगता है लेकिन ये भी सियार को खूब डांटता है मगर जब उसको सियार ये कहता है कि उसके पास सबूत है तब जाकर सियार से सबूत दिखाने के लिए कहता है तो सियार उसको लेकर दूसरे जगह जाता है जहां उसने केले छिपाकर रखे थे केले को देखकर बन्दर आगबबूला हो जाता है । और गुस्सा से बिना कुछ सोचे समझे दौड़ पड़ता है घर की ओर । घर पंहुचते ही दोस्त को गद्दार कहता हुआ झगड़ने लगता है दूसरा दोस्त तो पहले से ही गुस्सा था दोनों में खूब हाथापाई होती है और अंत में दोनों दोस्त एक दूसरे को गद्दार कहता हुआ अलग हो जाता है । दूर एक पेड़ की ओट से सियार ये सब देखकर खुश होता है आख़िरकार उसकी योजना काम कर जाती है।

(१):इससे हमको ये सीखने को मिलता है कि बिना सोचे समझे कोई काम नहीं करना चाहिए।

(२) और आंख बन्द कर किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए ये देखना चाहिए कि

(३):जिसके बारे में बात हो रही है हम उसको कितना जानते है और किसी के प्रति कोई कदम उठाने से पहले उसको समझ लेते है।

चुटकुले

(१)राम डॉक्टर से:तीन महीने पहले मुझे निमोनिया हुआ था और आपने मुझे नहाने से मना किया था ? डॉक्टर हां तो क्या?

नहीं मैं पूछने आया हूं कि क्या अब मैं नहा लूं?

(२) शिक्षक बच्चे से : बच्चो बताओ what को हिन्दी में क्या कहते है? राम: क्या सर जी?

शिक्षक: ठीक है राम बैठे जाओ।

(३)सब्जी बेचने वाले के घर एक बच्चा हुआ तो एक महिला ने कहा: बधाई हो! बच्चा कैसा है? सब्जीवाला:एकदम ताजा है बहन जी।

नेताजी वोटरों से: आप मुझे वोट दो। मैं आपके गांव को स्वर्ग बना दूंगा। वोटर: लेकिन नेता जी हमें तो अभी जीना है।

एटम बॉम् vs मक्खी

आज का विषय है घरेलू मक्खी

घरेलू मक्खी

संसार में कोई शायद ही ऐसा जगह होगा जहां मक्खी नहीं पाया जाता हो। दुनिया में कई ऐसे जगह है जहां मनुष्य नहीं है पर मक्खी है ज्यादातर मनुष्य घरेलू मक्खी से नफ़रत ही करते है।आमतौर पर हमारे घरों में मिलनेवाली मक्खियां ब्लॉफ्लाई कहलाती है इसकी पहचान शरीर भुरा होता है किन्तु उदर का रंग पीला होता है वह अपना अंडा घोड़ा के लिद पर देना पसंद करता है मगर नहीं होने पर वह गोबर मुर्गियों के मल मांस गंदगी पर भी देता है दिनभर में मादा 100से 150तक अंडे दे सकती है मक्खी का जीवनकाल बहुत थोड़े समय का होता है।यह 6 से 10 सप्ताह जीवित रह सकती है किन्तु अपने जीवन में 2300से उपर अंडे देती है मक्खी सर्व भक्षी होते है और बहुत ही खाने वाले पेटू होते है। ये दिन भर खाते रहते है और उसी खाने पर उल्टी करते है विस्टा करते है और फिर खाते है ।अब आइए हम बात करते है कि ये मक्खी एटॉम बम से किसी भी प्रकार से कम नहीं जितना नुकसान एटॉम बम नहीं करता उससे ज्यादा नुकसान ये करती है इसके द्वारा फैलाया गया बीमारियां हैजा,टायफायड, पेचिस, यक्ष्मा, सुजाक और हुक बर्म के अंडे फैलाने का काम करती है।

अब बात करते है आखिर ये बीमारी फैलाती कैसे है ?घरेलू मक्खी खुद ये बीमारियों को नहीं फैलाती बल्कि ये वाहन का कार्य करती है! मक्खी रोगियों के मलमूत्र थूक अन्य कई प्रकार के गंदगियों पर बैठती है तब उसके पैर जो चिपचिपा रहता है उसमे चिपक जाता है और उसी के साथ ये अन्य मनुष्य तक पहुंचता है इसके अलावा मक्खी जहां बैठती है वहां उल्टी और विष्ठा भी करती है उसके अंदर जो बीमारी उसके खाने से रहती है वह बाहर आकर लोगों के खाने तक पहुंचती है बचने के उपाय मक्खियों को मारना और इनके अंडे को पनपने न देना साफ सफाई रखना।

मकड़ी

मकड़ी धरती पर पाए जाने वाले अनोखे जीवों में से एक है मकड़ी पृथ्वी पर करीब 40 करोड़ साल से है ये मांसाहारी जीव होते है ये अपने शिकार को अपने जाल द्वारा शिकार करते है

मकड़ी आर्थोपोड़ा संघ का जीव होता है धरती पर इसके करीब 40हजार प्रजातियों की पहचान हो चुकी है अपने पूरी जिंदगी में हम कई मकड़ियों को बिना देखे खा जाते है फिल्मों के अनुसार मकड़ी के काटने से मकड़ी जैसा जाल बनाने लगते है ऐसा दरसअल वास्तविक जीवन में नहीं होता

इसके आठ पैर होते है

गजब जीव

जीव

धरती के जीव

ये मकड़ी अक्सर ठंड के मौसम में दिखाई देती है

धरती पर अरबों किस्म के जीव पाए जाते हैं जो कि हर तरह के वातावरण में पाए जाते है

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