मदद

मैं बस में चढ़ गया। अंदर भीड़ देखकर मैं परेशान हो गया। बैठने की जगह नहीं थी। तभी, एक व्यक्ति ने अपनी सीट खाली कर दी। खाली सीट के बगल में खड़ा आदमी वहाँ बैठ सकता था, लेकिन इसके बजाय उसने मुझे सीट की पेशकश की। अगले पड़ाव पर फिर वही काम हुआ। उसने अपनीContinue reading “मदद”

प्रेम

जन्म, प्रेम , मृत्यु एक अटल सत्य है। जन्म लेता है जीव और अपने ईश्वर से प्रेम करता है। एवम अंत में मृत्यु को प्राप्त होता है। जन्म और मृत्यु आपके वश में नहीं , लेकिन प्रेम तो आपके वश में है , आपका प्रेम कैसा है ये आपने अपने प्रेम को कितना समझा हैContinue reading “प्रेम”

कीमत

समय एक ऐसा पल है जिसको गुजरना ही है,ये हम सब जानते है।फिर भी वक्त गुजरने के बाद हम हाथ मलते रह जाते है।और वक्त रहते हम कोई काम नहीं कर पाते और हमेशा सोचते है वक्त बहुत है लेकिन समय बहुत तेजी से बदल रहा होता है। सेहत – ऐसी ही हालात हम अपनीContinue reading “कीमत”

खोज

हर इंसान के अंदर हमेशा खोज चलता रहता है। और उम्र के साथ उसकी अंदर के खोज को वह बाहर खोजने लगता है, इसलिए वह हर वस्तु को खोजी की तरह देखता है। और जहां भी उसे उसके खोज से संबधित वस्तु आभास होता है ,वह उधर मुड़ जाता है। उस खोज के कारण वहContinue reading “खोज”

यात्रा

अनवरत चलने वाला यात्रा है ये बस इक पराव से मोह किस हद तक उचित है। हर बार की तरह इस बार भी जाना तो पड़ेगा ही। अपनी छोटी बड़ी सोच से उपर उठना तो होगा ही। रात कितनी भी गहरी क्यों न हो सवेरा तो होगा ही। तेरे चैतन्य में प्रकाश तो फैलेगा ही।Continue reading “यात्रा”

कठपुतली

अब उसकी बातों में आकर अचानक उसने अपना इरादाबदल लिया। विभिन्न तरह के बातों को सुनते सुनते वह सत्य से दूर होता चला गया। अब उसके लिए ये कठिन है सही और ग़लत को अलग करना। सत्य और असत्य दोनों से अनजान है। अब उसके फैसले उसके नहीं है। ना उसका खाना उसका है ,Continue reading “कठपुतली”

माया

माया क्या है? क्या हम सब इससे बंधे है? क्या संसार सम्पूर्ण माया है ? अब बात ये है कि हम माया को कैसे जाने? इसका एक प्रत्यक्ष प्रमाण है। की अगर कोई इंसान आपके अनुसार से कार्य नहीं कर रहा है, तो मायावश आपको क्रोध आनी है। अगर कोई आपका कार्य करे तो ,Continue reading “माया”

संपूर्णता

दुनिया में सिर्फ दो तरह के इंसान का अस्तित्व है, योगी और भोगी, दूसरे तरीके से कहे तो इस दुनिया में दो तरह के लोग रहते है। योगी एवम् भोगी, अगर आप पूर्णता का अल्पकालिक अनुभव करना चाहते है तो आप भोगी की राह पर जा सकते है , या आप दीर्घकालीन पूर्णता का अनुभवContinue reading “संपूर्णता”

अभ्यास एक वरदान

अभ्यास मानव को एक वरदान के रूप में मिला है, ये आप पर है की आप इसको किस रूप में लेते हो। इसको हम ऐसे समझ सकते है, किसी भी बात को बार बार कहना , दोहराना ,करना, उदाहरण के रूप में -: एक छोटी सी मजाक को अगर बार बार किसी को कहा जायContinue reading “अभ्यास एक वरदान”

जिन्दगी

जिन्दगी के इस इम्तहान में कौन जीतेगा कौन हारेगा? पर मजा तो उसे ही आएगा जो किनारे पे बैठ के देखेगा। रोक लो खुद को कुछ भी कहने से पहले, आज उसकी तो कल तेरी भी आनी है। जिन्दगी में सब्र का क्या मोल है, ये तो उसी को पता है ,जिसने सब्र कर रखाContinue reading “जिन्दगी”