मनवीर के दोहे

अकल लगा के प्रेम कियाप्रेम समझ ना आए,प्रेम को जान के प्रेम कियासंसार प्रेममय हो जाय। सत्य असत्य के फेर उलझा सारा संसारमनवीर बैठा जानके देखतसुनत बताए हमने देखा तुमने देखासब नजर नजर का फेरकिसी ने देखा तन कोकोई जाने माया का फेर। ना बत्ती ना बिछौनाना धन का कछु होना,जब उड़ जाए पंछी छोड़Continue reading “मनवीर के दोहे”

मनवीर के दोहे

आदर सब जगह होत है ज्ञानी गुनी और संत। अज्ञानी बन ज्ञान पा संतो के सानिध्य में विपतकाल जब आएगा, बिना ज्ञान तू पार ना हो पाएगा। परमानंद आनंद है संत के संगत में मनवीर रहा सोवत वहां तो कैसे मिले परमानंद। राही ये संसार है रहता है राहों पर, चलना है तो चलो राही,Continue reading “मनवीर के दोहे”