कृष्ण – सुदामा

जब जहां की सारी हदें पार कर लो, दुनिया की सारी इम्तहान पास कर लो, जब तेरे पास कोई मंजिल ना बचा हो तूने सारी मंजिलें पा ली हो, जब ये दुनिया के गम तुझे सताने लगे जब निराशा तुझे घेरने लगे हो, तब मुझे याद करना मेरे दोस्त। तब मुझे याद करना मेरे दोस्त।Continue reading “कृष्ण – सुदामा”

खामोशी

मेरे जज्बातों को दिशा दो मेरे जीने की पता दो। यूं खामोश रहकर बात ना बढ़ाओ कुछ तो वफ़ा करो।। खामोश मंजर की खता नहीं ये तो हाल है दिल का। अक्सर दिल की बातें दिल में ही दबी रहती है।। तू अनजान बनी रहती है मेरी जज्बातों से। मैं तरपता रहता हूं तेरी बातोंContinue reading “खामोशी”

इंतजार

तेरा इंतजार करते करते ही तो मेरा वक्त गुजरता है तेरे बेसब्र नयनों ने कभी देखे हैं रास्ते जिनके, उनके घावों पर मरहम भी नहीं, क्या अब इंतजार का हक भी नहीं मुझको। अब आग भी धधक के बुझने वाले है, क्या अंतिम दीदार भी नहीं मुझको। यूं तो बेरुखी की भी हद होती है,Continue reading “इंतजार”

राहत

राहत मिलती है तेरी यादों से , मेरी जज्बातों को सकून मिलता है। जब भी लिख के इजहार करता हूं, जाने क्यों दिल को आराम मिलता है। रात को आसमां देखने की आदत हो गई है, टिमटिमाते तारों में तू नजर आती है। कभी- कभी संगीत सी बज उठती है कानों में, ऐसा लगता हैContinue reading “राहत”

तू आजाद है

शहीदों को श्रद्धांजलि वीर शहीदों के कारण ही देश आज आजाद है। नमन करो हे भारतवासी अब तो तू आजाद है, तू आजाद है, तू आजाद है, तू आजाद है। अब तुझे संभालना है देश को , शहीदों की ये पुकार है , शहीदों की पुकार है, शहीदों की पुकार है। देश की आजादी कोContinue reading “तू आजाद है”

जख्म

हालाते दर्द बयां नहीं होता , हालाते दर्द बयां नहीं होता, दोस्तों, और दिल है कि उसे और दर्द चाहिए!! मेरे दिल के अरमां सारे चुर हो गए , मेरे दिल के अरमां सारे चुर हो गए ,दोस्तों, और उनके अरमानों के पंख लग गए। आसमां भी आज रो दिया होगा, आसमां भी आज रोContinue reading “जख्म”

गुजर जाता है।

वक्त कैसा भी हो, कुछ पल में गुजर जाता है। जख्म कैसा भी हो , वक्त हर जख्म को भर देता है मर्ज कैसा भी हो, वक्त हर दर्द को हर लेता है। नादानी कितनी भी हो, वक्त हर चीज सीखा देती है। वक्त कैसा भी हो, कुछ पल में गुजर जाता है। दिल केContinue reading “गुजर जाता है।”

चाहत

अब आसमां की चाहत भी पूरी हो गई, अब आसमां की चाहत भी पूरी हो गई, उस देखना था जो ये हंसी जहां। उसके किस्मत में था हर दिन दीदार लिखा, लेकिन तूने तो उसे उसके किस्मत से दूर कर दिया।अब जाके इक बार फिर से उस की दुआ रंग लाई अब जाके इक बारContinue reading “चाहत”