शरारत

उसके नजरों की शरारतअब बढ़ने लगी है। बात कुछ नहीं थी ,बात बढ़ने लगी है। दिल का बोझ अब धीरे -धीरउतरने लगा है। उसके नजरों की शरारतअबबढ़ने लगी है। नींद आंखों की अब आंखोंसे जाने लगी है। रात रात भर जाग के दिलमचलने लगा है। उसके नजरों की शरारत अबबढ़ने लगी है। दिल की बैचैनीContinue reading “शरारत”

दिल चाहता है

मैं सोचता हूं कुछ लिखूं तेरे बारे में ये दिल है कि छुपाने को कहता है। मैं चाहता हूं कि चिल्ला के कहूं सबसे ये दिल है कि चुप रहने को कहता है। मैं चाहता हूं हल्का हो दिल के बोझ ये दिल है कि बोझ ढोने को कहता है। मैं चाहता हूं ये गमContinue reading “दिल चाहता है”

अंतकाल

जब उम्र बिता भाई तब जाके अकल आई। क्या खोया क्या पाया क्या सारी उम्र गंवाया। आज तुझे पता चला तेरी हैसियत कुछ नहीं। जब आई हलक में जान तब तुझे ,सुझे आसमान। तुझे दिया जिन्दगी तू समझा दिल्लगी। कोई खेल में लागा कोई मौज में लागा। जब आई तेरी बारी तू होश में जागा।Continue reading “अंतकाल”

कृष्ण – सुदामा

जब जहां की सारी हदें पार कर लो, दुनिया की सारी इम्तहान पास कर लो, जब तेरे पास कोई मंजिल ना बचा हो तूने सारी मंजिलें पा ली हो, जब ये दुनिया के गम तुझे सताने लगे जब निराशा तुझे घेरने लगे हो, तब मुझे याद करना मेरे दोस्त। तब मुझे याद करना मेरे दोस्त।Continue reading “कृष्ण – सुदामा”

खामोशी

मेरे जज्बातों को दिशा दो मेरे जीने की पता दो। यूं खामोश रहकर बात ना बढ़ाओ कुछ तो वफ़ा करो।। खामोश मंजर की खता नहीं ये तो हाल है दिल का। अक्सर दिल की बातें दिल में ही दबी रहती है।। तू अनजान बनी रहती है मेरी जज्बातों से। मैं तरपता रहता हूं तेरी बातोंContinue reading “खामोशी”

इंतजार

तेरा इंतजार करते करते ही तो मेरा वक्त गुजरता है तेरे बेसब्र नयनों ने कभी देखे हैं रास्ते जिनके, उनके घावों पर मरहम भी नहीं, क्या अब इंतजार का हक भी नहीं मुझको। अब आग भी धधक के बुझने वाले है, क्या अंतिम दीदार भी नहीं मुझको। यूं तो बेरुखी की भी हद होती है,Continue reading “इंतजार”

राहत

राहत मिलती है तेरी यादों से , मेरी जज्बातों को सकून मिलता है। जब भी लिख के इजहार करता हूं, जाने क्यों दिल को आराम मिलता है। रात को आसमां देखने की आदत हो गई है, टिमटिमाते तारों में तू नजर आती है। कभी- कभी संगीत सी बज उठती है कानों में, ऐसा लगता हैContinue reading “राहत”

तू आजाद है

शहीदों को श्रद्धांजलि वीर शहीदों के कारण ही देश आज आजाद है। नमन करो हे भारतवासी अब तो तू आजाद है, तू आजाद है, तू आजाद है, तू आजाद है। अब तुझे संभालना है देश को , शहीदों की ये पुकार है , शहीदों की पुकार है, शहीदों की पुकार है। देश की आजादी कोContinue reading “तू आजाद है”

जख्म

हालाते दर्द बयां नहीं होता , हालाते दर्द बयां नहीं होता, दोस्तों, और दिल है कि उसे और दर्द चाहिए!! मेरे दिल के अरमां सारे चुर हो गए , मेरे दिल के अरमां सारे चुर हो गए ,दोस्तों, और उनके अरमानों के पंख लग गए। आसमां भी आज रो दिया होगा, आसमां भी आज रोContinue reading “जख्म”

गुजर जाता है।

वक्त कैसा भी हो, कुछ पल में गुजर जाता है। जख्म कैसा भी हो , वक्त हर जख्म को भर देता है मर्ज कैसा भी हो, वक्त हर दर्द को हर लेता है। नादानी कितनी भी हो, वक्त हर चीज सीखा देती है। वक्त कैसा भी हो, कुछ पल में गुजर जाता है। दिल केContinue reading “गुजर जाता है।”