इंतजार

मैं पढूंगा तब खाऊंगा, नहीं बेटा पहले खा ले फिर पढ़ना। नहीं मैं पढूंगा तब खाऊंगा। नहीं बेटा रात बहुत हो गई है तू खाना खा ले फिर मन लगा के पढ़ना, नहीं मां मुझे अभी और पढ़ना है , तू खाना खा ले , मैं खा लूंगा , नहीं बेटा मैं इंतजार करूंगी, तूContinue reading “इंतजार”

उम्मीद अभी बांकी है

हर हार के बाद.. तेरी जीत अभी बांकी है.. अभी बांकी है.. क्योंकि उम्मीद अभी बांकी है.. उम्मीद अभी बांकी है.. रात गहरी हो कितनी भी ..पर तेरी सुबह … अभी बांकी है .. सुबह अभी बांकी है.. दर्द सहे है कितने तुमने…कितने तुमने ..उन दर्दों का हिसाब अभी बांकी है..हिसाब अभी बांकी है.. क्योंकिContinue reading “उम्मीद अभी बांकी है”

साथ देना हमारा

साथ देना हमारा ,साथ देना हमारा.. जब आए मुसीबत..2साथ देना हमारा ….2 अंधेरी रातों में जब ना दिखता हो कुछ भी.. 2, अंगुली पकड़ना हमारा…2 साथ देना हमारा…2 बैठ जाऊं हार कर, जब कुछ आए न नजर …2 हौसला बढ़ाना हमारा…2 साथ देना हमारा…2 राह कांटो से भरी हो संग कोई ना हो…2 हाथ देनाContinue reading “साथ देना हमारा”

जीवन चक्र

क्लेश कष्ट करुणामरणासन्न बुढ़ापा तरुणा। लू पेड़ छायाकंचन काया माया। सब्र विश्वास मीठाबेसब्र अविश्वास तीखा। नायक,जीवन कठिन जीवन मृत्यु पलछिन्न। अपमान अनादर प्रतिष्ठासत्य कर्म निष्ठा। अविवेक क्रोध घमंडअंत प्रलय तांडव। भय घृणा,तृष्णाअंत समय सब कृष्ण।

कौन हूं मैं ?

कौन हूं मैं मुझे किसकी तलाश है? दिन है रात है , दिल में जज़्बात है, फिर भी न जाने क्यों ? कौन हूं मैं मुझे किसकी तलाश है? रिश्ते हैं नाते है , और प्यार पाते हैं, फिर भी ना जाने क्यों, कौन हूं मैं मुझे किसकी तलाश है? जानी अनजानी राहें है, सपनेContinue reading “कौन हूं मैं ?”

बेखबर

उस बेखबर को ना खबर ही हुई , मैं मरने चला वो शहर को चली। बहुत चाहते थे ,तुमको ए दिल, ये दिल की लगी है ये मैं ही जानता हूं। तुमको है क्या ,हंसी तुम बहुत थी, मेरे दिल को पसंद तुम बहुत थी। मगर इसी दिल को तुमने धोखा दिया, तोड़ के मेराContinue reading “बेखबर”

पिंजरा

बंद पिंजरा तोड़ के पंछी , उड़ जायेगा सब कुछ छोड़ के। ना तेरा ना मेरा ,ना ही रेनबसेरा, सारे रिश्ते नाते तोड़ के पंछी, उड़ जायेगा सब कुछ छोड़ के । ना कोई राजा ना कोई रानी , जीवन की है यही कहानी, तुमको यहीं पर छोड़ के पंछीउड़ जायेगा सब कुछ छोड़ के।Continue reading “पिंजरा”

आजादी

इस फरेबी संसार से तू ऐसे मत जुड़ जाना जब आए तेरी आजादी उड़ना मत भूल जाना।जिन्दगी की इस दौड़ में संतुलन बनाए रखना ,या बड़ा बनके खुद को खुदा मत समझना,जब आए तेरी आजादी उड़ना मत भूल जाना। आग भी राख होती है , जिन्दगी के भी शाख होते है,शाखों में उलझ कर खुदContinue reading “आजादी”

जिन्दगी

कितनी अरमानों से निकली तू। कितनों अरमानों से खेली तू। ऐ जिन्दगी जीने के लिए क्या – क्या नहीं झेली तू। अपनों से अनजानों तकशहर से विरानों तक,क्या – क्या मंजर ना देखी तू। कभी तन्हाई में ,कभी महफ़िल में,जाने क्या – क्या पापड़ बेली तू। कभी तूफानों से ,कभी अरमानों से,ना जाने कितनों कीContinue reading “जिन्दगी”

इंतजार

इंतजार बस इंतजार तेरा ,        तू है बस, तू ही है प्यार मेरा। इस जहां को भी तेरी चाहत है,        तू आएगी ये वक्त का इशारा है। आईने सोच सोच संवरे है,        तेरी आने की जो आहट है। इंतजार बस इंतजार तेरा,        तू है बस  तू ही है प्यार मेरा। अब तो दिन भी रातContinue reading “इंतजार”