हर बार मैं हारा हूं

हर बार मैं हारा हूं हर बार तू जीता है ये जिंदगी मुझे अब बस लगता इक धोखा है….. हर बार मैं हारा हूं.. हर बार तू जीता है.. फिर हारे हुए का तू बनता क्यों सहारा है.. हर बार मैं हारा हूं.. हर बार तू जीता है… सुनता नहीं अर्जी है क्या तेरी मर्जीContinue reading “हर बार मैं हारा हूं”

जिंदगी और सफर

जिंदगी और सफर ये दोनों एक दूसरे के पूरक है। आप जिंदगी के बारे में सोचो, या की सफर के बारे में सोचो, आप को समझ में आ जायेगा। आइए थोड़ा विचार करें? पूरा जिंदगी एक सफर है जिस में हम सफर करके जिंदगी के एक छोड़ से दूसरे छोड़ तक जाते है, यानी बचपनContinue reading “जिंदगी और सफर”

सर पे मौत खड़ी है ।

सर पे मौत खड़ी है, फिर भी लोभ में पड़ी है। क्या ये तेरे जिंदगी से बड़ी है, फिर भी जिद पे अड़ी है । तू किसके लिए ये लफड़ा ले रहा है, है कौन जिससे खेल रहा है? क्या ये बात इतनी बड़ी है? सर पे मौत खड़ी है, फिर भी जिद पे अड़ीContinue reading “सर पे मौत खड़ी है ।”

टूटते रिश्ते

छोटी– छोटी बातों पे टूटते रिश्ते बैचेन दिल ना संभाल पाते रिश्ते अक्सर टूट जाते रिश्ते। बाहर के परेशानियों से जूझते रिश्ते, छोटी छोटी बातों पे टूटते रिश्ते। एक दूसरे के लिए न वक्त निकाल पाते रिश्ते बनती दूरी न घटा पाते रिश्ते, अक्सर सिसकते रूह,आंसू बनते रिश्ते, अक्सर टूट जाते रिश्ते। एक दूसरे कीContinue reading “टूटते रिश्ते”

भरोसा

तू मत समझना गमजदा नहीं मैं तेरे गम से, अश्क सुख गए है आंखों से गिरते– गिरते , तेरे गम के लिए आंसू कहां से लाऊं मैं। तू न समझे तो कैसे तुझे समझाऊं मैं, तेरे पीछे मैं खड़ा रहा हर पल, तेरे दुःख में करीब रहा हर पल, ये बात कैसे बताऊं मैं। तूContinue reading “भरोसा”

वक्त का तूफान

वक्त के तूफान से घिरा हूं कभी इधर तो कभी उधर पड़ा हूं। लेकिन क्या कहूं ? देखता हूं ख्वाब , ऊंचे आसमान का, ये बात अलग है, गर्दिश में सितारे हैं । पर चांद लाने की जिद छोड़ी नहीं मैने, चांद लाने की जिद छोड़ी नहीं मैने, अब देखना है, किस्मत कितना जोर लगातीContinue reading “वक्त का तूफान”

जो मैं लिखना चाहूं ,लिख नहीं पाता हूं।

क्यों दिल का दर्द मैं बाहर नहीं निकाल पाता हूं जो मैं लिखना चाहूं, लिख नहीं पाता हूं। मैंने सहे एक से एक जख्म, क्यों दिल के जख्म दिखा नहीं पाता हूं, जो मैं लिखना चाहूं, लिख नहीं पाता हूं। ये सर्द हवाएं और बारिश की बूंदे, सब महसूस करता हूं, पर अपने जज्बात, बाहरContinue reading “जो मैं लिखना चाहूं ,लिख नहीं पाता हूं।”

किसको सुनाऊं

अपनी दिल के जख्म को, किसको दिखाऊं, दिल के दर्द को , किसको सुनाऊं। बदलते हालात को, कैसे काबू में लाऊं, किसको बुलाऊं। तेरे साए में ही जिंदगी बिताऊं , तेरे सामने कैसे , बड़ा बन जाऊं, कैसे समझाऊं। सुलगते आग में , कैसे घी डालूं। बिखरते रिश्ते को, कैसे बचाऊं। जो रूठे हैं उन्हें,Continue reading “किसको सुनाऊं”

सब के बस की बात नहीं

अपनी इज्जत बनाना, इज्जत बचा के रखना, सब के बस की बात नहीं। अच्छी आदत डालना , गंदी आदत छोड़ना , सब के बस की बात नहीं। सब के सामने सच बोलना , सच बोल के सच पर रहना , सब के बस की बात नहीं। अपने मन को बहलाना, और उसको काबू में रखनाContinue reading “सब के बस की बात नहीं”

सफ़र

कैसा है सफर ये चेहरा बोलता है, तेरी खामोशी बहुत राज खोलता है। कितने तकलीफ में तू है सफर में ये तेरा चलने का अंदाज बोलता है। कैसा है ये सफर ये चेहरा बोलता है, तेरी खामोशी बहुत राज खोलता है। तू छुपा ले चाहे सारे सफर का राज ये राज भी तेरा आवाज खोलताContinue reading “सफ़र”