इंसान

तू इंसा है, तू ही इंसा है
तू हिम्मत है,

तू ही जज्बा है,
तू तुफां है ,

तू ही शांति है।
तू इंसा है ,तू ही इंसा है ।

तू आदि है ,

तू ही अनंत है।

तू क्रोधी है ,

तू ही संत है।

तू इंसा है ,तू ही इंसा है।

तुझ से ये सारा जहां ,

तेरे बिना कुछ नहीं यहां।

तू बर्बादी है,

तू ही आबादी है।

तू इंसा है ,तू ही इंसा है।

Published by मनवीर

मैं रीडर और थिंकर हूं धन्यवाद

7 thoughts on “इंसान

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