वो कौन थी

Vo kaun thi

aaj hm aap logo ko hindi khani online ki ek nyi duniya me le chlte hai jo ki aapko 1 nya anubhav dega ! aapko nye romanch safar pr le chalte hai
रात के अंधेरे में हम जा रहे थे रात के करीब 11बजे थे।
उल्लू की आवाज सन्नाटे को भंग कर रही थी। मक्खियां जो दिन भर इधर उधर करती रही है उनका कहीं नामो निशान नहीं था ।

दिन में जो रौशनी हर तरफ फैली रहती है रात में वो गद्दार की तरह सो जाती है जैसे की रौशनी का कोई वजूद ही नहीं ।


दूर दूर तक कोई इंसान नजर नहीं आ रहा था पूरा रास्ता सुनसान था । और हम चले जा रहे थे मस्ती में अंधेरे को चीरता हुआ अंधेरे में अपना हाथ तक नजर नहीं आता था । कि अचानक लगा कि मेरे सामने से कोई तेजी से निकल गया और मैं देखता रह गया ये सोच ही रहे था कि कोई तो आगे से निकला है और मैं सोचता हुआ आगे बढ़ ही रहा था कि

ऐसा लगा कि किसी ने मेरा पैर पीछे से पकड़ लिया है!

अचानक हुए इस हमले से मैं बहुत डर गया ।
मेरा पूरा शरीर पसीने से लथपथ हो गया मेरा शरीर कांपने लगा और अब लगने लगा कि मैं गिर कर बेहोश हो जाऊंगा की अचानक किसी ने कान में कहा जरा नीचे तो देखो उसकी आवाज में जादू था ।उसके आवाज के जादू ने मुझे नीचे की ओर देखने पर मजबुर कर दिया तो मेरी नजर अचानक नीचे गई और मै आश्चर्य से भर गया। मेरा पांव कोई पकड़े नहीं था बल्कि मेरे पांव में कोई प्लास्टिक लिपटा है ।जो मुझे आगे जाने से रोक रहा था अब जाके मेरे जान में जान आई । और मैं तेजी से उस रास्ते को पार करने लगा जब मैंने रास्ते को पार कर लिया तब जाके मुझे याद आया कि किसी ने मेरे कान में कुछ ? अचानक मेरा ध्यान उस बात की तरफ गया आखिर कौन थी ? उसके बातों का जादू उफ्फ मुझे सोचने पर मजबुर कर दिया और सोचते सोचते मुझे अपने आप पर ग्लानि होने लगी और मैं अपने आपको कोस रहा था कि मैं कितना डर गया था ।मैंने फिर उस जगह पर जाने का निर्णय किया।जहां उसकी आवाज मेरे कानो में गूंजी थी और मैं फिर से उसी रास्ते पर था।

वो कौन थी ?क्या मैं उसके बारे में जान पाया ?क्या मैं उससे मिल पाया ? आखिर उसने मेरी मदद क्यों की? ये सब जानने के लिए पढ़े वो कौन थी पार्ट 2

अगर आपको कहानी अच्छी लगती है तो please comment

Published by Ajab gjab

मैं राइटर रीडर ब्लॉगर और थिंकर भी हूं धन्यवाद

%d bloggers like this: