मनवीर के दोहे

अकल लगा के प्रेम किया
प्रेम समझ ना आए,
प्रेम को जान के प्रेम किया
संसार प्रेममय हो जाय।

सत्य असत्य के फेर उलझा सारा संसार
मनवीर बैठा जानके देखत
सुनत बताए

हमने देखा तुमने देखा
सब नजर नजर का फेर
किसी ने देखा तन को
कोई जाने माया का फेर।

ना बत्ती ना बिछौना
ना धन का कछु होना,
जब उड़ जाए पंछी छोड़ घोसला,
तो किस बात का रोना।

आमद नगद उधारी जीवन
बिन गुरु ज्ञान बेकारी जीवन
खोज मनवीर गुरु को
ज्ञान मिली तर जाई जीवन।

अंधेरे में कछु सुझत नाही
रस्सी से भी घबराई,
गुरु मिले हैं जबसे ,
सब कुछ समझ में आई।

क्या आपको पता है ?

क्या आपको पता है?

☞. P D F का मतलब है?
उत्तर:- Portable Document Format.

☞. H T M L का मतलब है?
उत्तर:- Hyper Text Mark up Language.

☞. N E F T का मतलब है?
उत्तर:- National Electronic Fund Transfer.

☞. M I C R का मतलब है?
उत्तर:- Magnetic Inc Character Recognition.

☞. I F S C का मतलब है?
उत्तर:- Indian Financial System Code.

☞. I S P का मतलब है?
उत्तर:- Internet Service Provider.

☞. E C S का मतलब है?
उत्तर:- Electronic Clearing System.

☞. C S T का मतलब है?
उत्तर:- Central Sales Tax.

☞. CRR का मतलब है?
उत्तर:- Cash Reserve Ratio.

☞. U D P का मतलब है?
उत्तर:- User Datagram Protocol.

☞. R T C का मतलब है?
उत्तर:- *Real Time Clock.*

☞. I P का मतलब है?
उत्तर:- Internet Protocol.

.☞. C A G का मतलब है?
उत्तर:- Comptroller and Auditor General.

.☞. F E R A का मतलब है?
उत्तर:- Foreign Exchange Regulation Act.

☞. I S R O का मतलब है?
उत्तर:- *International Space Research organization.*

☞. I S D N का मतलब है?
उत्तर:- Integrated Services Digital Network.
.
☞. SAARC का मतलब है?
उत्तर:- South Asian Association for Regional co –operation.

☞. O M R का मतलब है?
उत्तर:- Optical Mark Recognition.

☞. A H R L का मतलब है?
उत्तर:- Asian Human Right Commission.

☞. J P E G का मतलब है?
उत्तर:- Joint photo Expert Group.

☞. U. R. L. का मतलब है?
उत्तर:- Uniform Resource Locator.

☞. I R D P का मतलब है?
उत्तर:- Integrated Rural Development programme.

☞. A. S. L. V. का मतलब है?
उत्तर:- Augmented satellite Launch vehicle.

☞. I. C. U. का मतलब है?
उत्तर:- Intensive Care Unit.

☞. A. T. M. का मतलब है?
उत्तर:- Automated Teller Machine.

☞. C. T. S. का मतलब है?
उत्तर:- Cheque Transaction System.

☞. C. T. R का मतलब है?
उत्तर:- Cash Transaction Receipt.

☞. N E F T का मतलब है?
उत्तर:- National Electronic Funds Transfer.

☞. G D P का मतलब है?
उत्तर:- Gross Domestic Product.

☞. F D I का मतलब है?
उत्तर:- Foreign Direct Investment .

☞. E P F O का मतलब है?
उत्तर:- Employees Provident Fund Organization.

☞. C R R का मतलब है?
उत्तर:- Cash Reserve Ratio.

☞. CFRA का मतलब है?
उत्तर:- Combined Finance & Revenue Accounts.

☞. GPF का मतलब है?
उत्तर:- General Provident Fund.

☞. GMT का मतलब है?
उत्तर:- Global Mean Time.

☞. GPS का मतलब है?
उत्तर:- Global Positioning System.

☞. GNP का मतलब है?
उत्तर:- Gross National Product.

☞. SEU का मतलब है?
उत्तर:- Slightly Enriched Uranium.

☞. GST का मतलब है?
उत्तर:- गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स (Goods and ServiceTax).

☞. GOOGLE का मतलब है?
उत्तर:- Global Organization Of Oriented Group Language Of Earth.

☞. YAHOO का मतलब है?
उत्तर:- Yet Another Hierarchical Officious Oracle .

☞. WINDOW का मतलब है?
उत्तर:- Wide Interactive Network Development for Office work Solution .

☞. COMPUTER का मतलब है?
उत्तर:- Common Oriented Machine Particularly United and used under Technical and Educational Research.

☞. VIRUS का मतलब है?
उत्तर:- Vital Information Resources Under Siege.

☞. UMTS का मतलब है?
उत्तर:- Universal Mobile Telecommunications System.

☞. AMOLED का मतलब है?
उत्तर:- Active-matrix organic light-emitting diode.

☞. OLED का मतलब है?
उत्तर:- Organic light-emitting diode

☞. IMEI का मतलब है ?
उत्तर:- International Mobile Equipment Identity.

☞. ESN का मतलब है?
उत्तर:- Electronic Serial Number.

मनवीर के दोहे

आदर सब जगह होत है
ज्ञानी गुनी और संत।

अज्ञानी बन ज्ञान पा संतो के सानिध्य में

विपतकाल जब आएगा,

बिना ज्ञान तू पार ना हो पाएगा।

परमानंद आनंद है संत के संगत में
मनवीर रहा सोवत वहां तो
कैसे मिले परमानंद।

राही ये संसार है रहता है राहों पर,

चलना है तो चलो राही,

ध्यान रहे मंजिल पर।

निज गुण मत बखानिए,

मोल कम होत जात
ज्ञानी जाने सब है,

तू अपने मोल को जान।

रहत फकीरा मस्त है,
चिंता कुछो नाही,

ना जोरण केर चिंता ,जो मिले सो खाय।

कर्म विचार पगु धारिये,

होय सुफल सब काम,

बिना विचारे पगु धरे
काम नाम डुबाए।

कपड़े को कपड़ा पहनाए
बड़े ठाठ से बाहर जाए
अपने को पहचाने नाही
दूसरों की पहचान बताए।

कहे मनवीर सुन रे मन

तेरी अजब है चाल,

मैं बैठा तेरे बगल में,
तू क्यों खेल रचाए।

Low investment business

नौकरी के लिए भर्ती सेवा

आज कल हर किसी को जॉब की जरूरत रहती है।
और लोग हमेशा ही अच्छे job की तलाश में रहते है।

ऐसे में आप उनको जॉब दिला कर अच्छी खासी इनकम कर सकते है।



इस व्यवसाय में आपका काम होता है विभिन्न कंपनी में खाली हुए पद पर लोगों को अल्पकालिक या दीर्घकालिक जॉब दिलाना।

इसको शुरू करने के लिए आपको investment तो कम लगेगा लेकिन इसको करने के लिए आपको बहुत ही मजबूत बिजनेस प्लान कि आवश्यकता होती है जैसे अच्छा अनुभव job दिलाने के तरीकों का ज्ञान,कानून और लाइसेंस से जुड़ी जानकारी होनी चाहिए साथ ही टैक्स का भी ।

एक अच्छा marketing plan होना चाहिए।

व्यापार शुरू करने के लिए क्या सब चाहिए

पहले तो अनुभव फिर लाइसेंस
विभिन्न कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करना होगा
ये आप कहीं भी छोटा सा ऑफिस खोल कर सकते हो।


Dance classes

आज कल की दुनिया फिल्म, और टीवी का है ऐसे में लोगों में डांस का क्रेज बहुत बढ़ गया है।
अगर आपको डांस में interest है।
और आप dance करना अच्छी तरह से जानते है।

और लोग आपसे डांस सीखना चाहते है।
तो आप खुद का dance class शुरू कर सकते है।

आप इसको अपने घर से भी शुरू कर सकते है। अगर आपके घर में जगह है तो।

नहीं तो कहीं जगह किराए पर लेकर शुरू कर सकते है।

इसमें भी investment  ना के बराबर लगता है।

इस व्यापार को शुरू करने के लिए क्या सब चाहिए

अगर आप घर में ही शुरू करते हैं तो शुरू में छोटा सा music system चाहिए होता है।
और अगर कहीं बाहर रेंट लेकर शुरू करते हो।

तो आपको अच्छा सेटअप की जरुरत पर सकती है। music system तो चाहिए ही।
साथ ही अगर आप कुछ प्रचार प्रसार भी बहुत ही जरूरी है

साथ ही आप इसको अपने घर या रेंट के अलावा आप प्राइवेट क्लास भी ले सकते हो।



सिलाई और कपड़ों के डिजाइन का व्यापार

आज कल का युग है फैशन का लोग तरह तरह के डिजाइन के कपड़े पहनना एवम् सिलवाना पसंद करते हैं।
ऐसे में आप लोगों की जरूरत को समझते हैं।
और

अगर आपको सिलाई एवम् कपड़ों के डिजाइन का ज्ञान है तो आप ये काम के आप बहुत ही कम investment में शुरू कर सकते है।

इसको शुरू करने में लागत बहुत ही  कम लगता है।

क्या चाहिए

इस व्यापार को शुरू करने के लिए
एक कपड़ा सीने की मशीन चाहिए ।

अगर आप रेंट पर कहीं जगह लेते है तो ठीक ।

नहीं तो शुरू शुरू में आप इसे घर से भी शुरू कर सकते हो।

और साथ में कुछ advertising  ज़रूर करवाना चाहिए।

अगर लोगों को आपका काम पसंद आता है तो
आपके पास काम बढ़ जाएगा
ये काम थोड़े से शुरू होकर एक बड़ा business का रूप ले सकता है।

और इसमें आप अपने साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकते है।

Repairing

आज का युग मशीनों का है
जिसमें दिन प्रतिदिन मशीनों की संख्या बढ़ती जा रही है ।
उसमें नई – नई तकनीक आ रही है।

पुराने मशीन और एडवांस हो रहे हैं ऐसे में लोग तरह तरह के गजेट्स का इस्तेमाल करते हैं जैसे  TV ,coller, fan ,moter आदि ऐसे अनेक तरह के electronics items का use करते है और समय के साथ reapairing की जरूरत होती है।

ऐसे में अगर आप रिपेयरिंग जानते है तो आप बहुत ही कम पूंजी से अपना व्यापार शुरू कर सकते है।
या तो आप इसको एक जगह लेकर या अपने घर से भी कर सकते है।
अगर आप जगह नहीं ले सकते तो आप थोड़ा सा प्रचार करवा के अपना mobile number हर जगह फैला सकते है जिससे किसी को कभी भी कोई भी मशीन कि रिपेयरिंग की जरूरत हुई आप को call कर सकता है।
इसके अलावा आप विभिन्न कंपनियों से कॉन्ट्रैक्ट कर सकते हो।
जिससे कि आप के क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाले रिपेयरिंग का कॉल कंपनी आपको करेगी और उसके एवज में वो आपको पैसा देगी।

एवम् अगर आप का काम बढ़ता है तो आपको अन्य लोगों की भी जरूरत पड़ेगी ।

इस तरह आप अपने नीचे बहुत सारे लोगों को रोजगार दे सकते हो

बिहार

बिहार शब्द संस्कृत शब्द विहार का तदभव है जिसका अर्थ होता है मठ अर्थात भिक्षुओं का निवास स्थान।



बिहार का उल्लेख सर्वप्रथम शतपथ ब्राह्मण से मिलता है, जिसमे मिथिला के गौरवशाली समाज की आधार शिला रखने वाले विदेह माधव नामक राजा का वर्णन किया गया है।


करीब 12 वीं शताब्दी के अंत में ओदंतपुरी तथा उसके आस – पास में यहां बौद्ध विहारों कि संख्या अधिक होने के कारण इस क्षेत्र का नाम बिहार पड़ा था।


बिहार को नई मान्यता तथा प्रशासनिक इकाई के रूप में जो स्थान प्राप्त हुआ वो शेरशाह सुरी के शासन काल में हुआ।

सन 1857 की क्रांति में बिहार में दानापुर के विद्रोही सैनिकों का नेतृत्व जगदीशपुर के जमींदार कुंवर सिंह ने किया था।


बिहार को बंगाल से पृथक प्रांत बनाने के लिए दिल्ली दरबार में 12 दिसम्बर को घोषणा हुई।


22 मार्च 1912को बिहार उड़ीसा के साथ राज्य के गठन कि अधिसूचना जारी की गई ।

इसी कारण बिहार राज्य स्थापना दिवस 22मार्च को मनाया जाता है ।


1अप्रैल 1912 को बिहार ने बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग कर एक अलग प्रांत के रूप में कार्य प्रारम्भ कर दिया।

1916 में पटना उच्च न्यायालय एवम् 1917 में पटना विश्वविद्यालय की स्थापना हुई।

1936 ईस्वी में उड़ीसा को बिहार से अलग कर एक नए प्रांत का दर्जा प्रदान किया गया।

15 नवंबर 2000 को बिहार का पुनः विभाजन हुआ और भारतीय संघ के 28वें राज्य के रूप में झारखंड का उदय हुआ।



बिहार के प्राचीन विश्वविद्यालय

1)नालंदा विश्वविद्यालय – इसकी स्थापना कुमार गुप्त ने कि थी । इसमें विभिन्न देशों के शिक्षार्थी शिक्षा प्राप्त करते थे। इसे बख्तियार खिलजी ने ध्वस्त कर दिया।

2) तक्षशिला विश्वविद्यालय – तक्षशिला गांधार प्रदेश की राजधानी थी तथा इसकी आधारशिला राजा भरत ने रखी थी। इसको पांचवीं शताब्दी के मध्य में बर्बर हूणों ध्वस्त कर दिया था ।

3) विक्रमशिला विश्वविद्यालय
इस विश्वविद्यालय की स्थापना धर्मपाल ने कि थी । इसमें तांत्रिक विज्ञान की शिक्षा दी जाती थी।इस विश्वविद्यालय को सन 1203ईस्वी में बख्तियार खिलजी ने बर्बाद कर दिया।

4) उदंतपुरी विश्वविद्यालय – इस विश्वविद्यालय की स्थापना पालवंशीय शासक गोपाल ने कि थी ।

5) मिथिला विश्वविद्यालय – इसकी स्थापना उपनिषद काल में ही कि गई थी । यहां मिथिला के राजा जनक धार्मिक विषयों पर तर्क – वितर्क किया करते थे। इस विश्वविद्यालय में न्यायशास्त्र की शिक्षा दी जाती थी।

साथ चल रहा हूं

ऐ वक्त तेरे साथ चलने को
भरसक कोशिश कर रहा हूं
ऐसा लगता है कभी तू आगे और कभी मैं आगे निकल रहा हूं।

तू मेरे साथ है यही सोच के
कभी तन्हा कभी महफ़िल
कभी कारवां के साथ निकल रहा हूं।

तेरे साथ कदम से कदम मिला कर चलने में
अब अंधेरों को भी पार कर रहा हूं।

ऐ वक्त तेरे साथ चलने को
भरसक कोशिश कर रहा हूं
ऐसा लगता है कभी तू आगे और कभी मैं आगे निकल रहा हूं।

तेरे साथ चलते चलते मेरा उम्र गुजर रहा है
मुझे ऐसा लगता है मेरा वक्त गुजर रहा है।

आस रहती है मन में तुझ से हमेशा आगे निकलने की
इसी जद्दोजहत में समय से पहले बूढ़ा हो रहा हूं।

तेरी मेरी दौड़ का सिलसिला जारी रहेगा ,
मैं अंत तक तुझे हराने की कोशिश करता रहूंगा।
कोशिश कितनी कामयाब होती हैं।
ये देखना तुझे भी है ये देखना मुझे भी है।

ऐ वक्त तेरे साथ चलने को
भरसक कोशिश कर रहा हूं
ऐसा लगता है कभी तू आगे और कभी मैं आगे निकल रहा हूं।

तेरे साथ चलने के इन कशमकश भरी रास्तों में
कुछ उजली कुछ काली रात लिए चल रहा हूं।

जिन्दगी का इक – इक पल लगा दिया
तेरे साथ चलने में ,तू समझे ना समझे मैं समझ रहा हूं।

ऐ वक्त तेरे साथ चलने को
भरसक कोशिश कर रहा हूं
ऐसा लगता है कभी तू आगे और कभी मैं आगे निकल रहा हूं।

तेरे साथ चलने का मैं क्या मोल चुका रहा हूं ?

ये तुझे क्या पता ,क्या मैं तुझे बता रहा हूं ?

फिर भी तुझे लगता है मैं खुशी – खुशी

चल रहा हूं ।

अगर अनजान मैं भी हूं तो अनजान तू भी है। लेकिन जानता तू भी है और जानता मैं भी हूं।

ऐ वक्त तेरे साथ चलने को
भरसक कोशिश कर रहा हूं
ऐसा लगता है कभी तू आगे और कभी मैं आगे निकल रहा हूं।

तेरे साथ चलते चलते कितने अपने हुए कितने बेगाने हुए
सब से मिलते बिछड़ते साथ चल रहा हूं!

तेरे साथ साथ दौड़ते ,चलते
कभी आगे निकलते
कभी छूटती ये सांसे
पर पता नहीं चलता तू मुझे पीछे छोड़ आया या मैं आगे निकल रहा हूं।

ऐ वक्त तेरे साथ चलते चलते
मेरे साथ कोई हो ना हो
उनकी यादें साथ रहतीं है।
उन्ही यादों का सहारा लिए
साथ चल रहा हूं।

ऐ वक्त तेरे साथ चलने को
भरसक कोशिश कर रहा हूं
ऐसा लगता है कभी तू आगे और कभी मैं आगे निकल रहा हूं।

लगता है तेरा मेरा रिश्ता है कई जन्मों का

इसलिए तो तू साथ छोड़े भी मैं फिर भी साथ आ रहा हूं।

तेरा मेरा दौड़ ये कब तक चलेगा ये नहीं मुझे पता ,तो क्या पता तुझे भी नहीं???

ऐ वक्त तेरे साथ चलने को
भरसक कोशिश कर रहा हूं
ऐसा लगता है कभी तू आगे और कभी मैं आगे निकल रहा हूं।

कौन कहे

बहुत दिनों तक शहर में रहने के पश्चात

एक लड़का अपने पिता से मिलने गाँव आया।

अपने पिता को मेहनत करते देख उसने सोचा थोडा पिताजी का हाथ बटाया जाए ।

और वह पिता के साथ  काम करने लग गया

लेकिन काम था कि खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था।

दोपहर से शाम होने को आ रही थी ,धीरे – धीरे
अब रात होने को आ गई,

लेकिन अब भी कुछ काम बांकी था।

   दिन – रात के मेहनत से वह अब झल्ला सा गया था।

इतनी मेहनत कोई कैसे कर सकता है।

मैं तो इतने में ही परेशान हो गया हूं।

तो कोई  हर वक्त किसी भी मौसम में  इतना मेहनत कैसे  कर सकता है?

परेशान होते हुए बेटे ने अपने  बाप से पूछा,

तो बाप ने ज़बाब दिया –  किसान
और काम करने लगा।

शरारत

उसके नजरों की शरारत
अब बढ़ने लगी है।

बात कुछ नहीं थी ,
बात बढ़ने लगी है।

दिल का बोझ अब धीरे -धीर
उतरने लगा है।

उसके नजरों की शरारत
अब
बढ़ने लगी है।

नींद आंखों की अब आंखों
से जाने लगी है।

रात रात भर जाग के दिल
मचलने लगा है।

उसके नजरों की शरारत अब
बढ़ने लगी है।

दिल की बैचैनी ,
अब बढ़ने लगी है।
उनकी कमी अब,
खलने लगी है।

बात बात पे सब हंसने लगे हैं।

उसके नजरों की शरारत अब
बढ़ने लगी है।

शरारत करने लगें है दोस्त
नाम लेके उनका,
बात -बात में अब बात बढ़ने लगी है।

यूं तो हम भी खोए है उनकी यादों में,

यूं तो हम भी खोए है उनकी यादों में,

ऐसा लगता है इश्क में उसके
हम खो से गए हैं।

उनके नजरों की शरारत अब बढ़ने लगी है।

अबोध

अल्प ज्ञानी ,कुछ ना मानी।
कुछ सही कुछ ग़लत पैमानी।।

ना दिन ना रात जानि।
अल्प बोधी वयक्त अभिमानी।।

शोभा सुंदर की बात बेईमानी।
अक्खर पक्कर सब सहानी।।

तृष्णा कृष्णा घोर माया।

ना ममता ना देही काया।।

रस रंग सब उपज की खानी।
मन में बसे दिल में नाही।
दिल में बसे सब जगह पांही।।।

अनहद नाद सुवाद सबे ओर।
जिन सुना सब पाया।।

ज्ञान जगी अभिमान ना उपजे।
सत्य की खोज में हरदम रहे।।

प्रेम की भाषा प्रेम से जाने।
प्रेम ही प्रेम , प्रेममय वाणी।।

चुटकुले

मैं घंटे भर से तुम्हे समझा रहा हूं और तुम्हारी समझ में बात नहीं आ रही है! तुम्हारे दिमाग में गोबर भरा है।
जब आपको पता है तो उसे घंटे भर से चाट क्यों रहे है?

पिता अपने बच्चे से – बेटा तुम्हे कितनी बार समझाया है कि वह सचमुच का शेर नहीं तस्वीर है तो फिर घबराते क्यों हो?
बच्चा – मैं घबराया नहीं पिताजी… पर मुझे यह चिंता बनी रहती है कि वह बेचारा भूखा होगा।

बच्चे अपने मम्मी से – मम्मी में बंदर देखने चिड़ियाघर जाऊं?
मम्मी – बड़ा बेवकूफ हो, घर में मौसी के नटखट बच्चे आये हैं ।
और तू बंदर देखने चिड़ियाघर जा रहा है।

एक बार दो बच्चों में आपस में झगड़ा हो गया।
छोटा बच्चा गुस्से में बोला – देख तू अपने शब्द वापस लो ,
मैं तुम्हे पांच मिनट का समय देता हूं।
बड़े लड़के ने कहा – अगर मैं पांच मिनट में अपने शब्द वापस ना लूं तो, तो ?

कुछ देर विचार करने के बाद
छोटा लड़का बोला – अच्छा , तो तुम्हे कितना समय चाहिए?

पत्नी ने अपने पति से पूछा – क्यों जी नाव को स्त्रीलिंग ही क्यों माना गया है?
पति – क्योंकि वह हवा के साथ अपना रुख बदलती है।

एक आदमी ने एक कुत्ता खरीदा और कुत्ते के मालिक से पूछा – यह कुत्ता वफादार तो होगा ही!
मालिक – यह अव्वल दर्जे का वफादार है, क्योंकि इसको मैंने इसे तीन बार बेचा है और यह तीनों बार भागकर मेरे पास चला आया।

मालिक- मैं पहले ही बता दूं की मुझे एक जिम्मेदार नौकर चाहिए।
नया नौकर – साहब मैं बहुत जिम्मेदार हूं, इससे पहले मैंने जहां भी काम किया, गलती किसी की भी हो , जिम्मेदार मैं ही ठहराया जाता था।

एक सज्जन अपने पड़ोसी के घर गए और बोले – देखिए आपके लड़के ने मेरे कमरे का शीशा पत्थर मारकर तोड़ दिया।
पड़ोसी – आप उसके बातों पर ध्यान मत दीजिए, वह पागल है।
सज्जन आदमी – तो फिर अपने घर के शीशे क्यों नहीं तोड़ता?
पड़ोसी – लेकिन इतना पागल नहीं।

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